सनातन धर्म की पावन ज्योति, भक्ति एवं निष्काम कर्म सेवा को संपूर्ण विश्व के कोने-कोने में गुंजायमान करने वाले परम संत सदगुरुदेव जी के अनमोल विचार एवं जीवन दर्शन।
"मन शांत हो तो संसार शांत लगता है। बाहर की दौड़ से पहले, भीतर की शांति आवश्यक है।"
भक्तों की सुविधा के लिए महाराज जी के समस्त आध्यात्मिक आयामों, सामाजिक उपक्रमों एवं धार्मिक आयोजनों का विस्तृत केंद्र।
कहते हैं कि जब संसार में दुःख बढ़ता है, तब ईश्वर जनकल्याण हेतु किसी दिव्य आत्मा को माध्यम बनाकर भेजते हैं। वर्ष 1966 में जयपुर की पावन भूमि पर जन्मे परमगुरु परम पूज्य श्री कमलेश जी महाराज ने बाल्यकाल से ही आध्यात्म, करुणा और परमार्थ के संस्कारों को आत्मसात किया। सिद्ध संत परंपरा के आशीर्वाद से प्रेरित होकर वे पिछले तीन दशकों से हजारों श्रद्धालुओं के जीवन में आशा, शांति, सुख और मार्गदर्शन का प्रकाश बनकर मानव सेवा, धर्म और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर समर्पित हैं।
सिद्ध परिवार की दिव्य परंपरा एवं संतों के आशीर्वाद से आध्यात्मिक चेतना का विकास।
पिछले 30 वर्षों से निरंतर मानव सेवा, आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं लोककल्याण।
परमात्मा की असीम कृपा से जयपुर की पुण्यभूमि पर स्वर्गीय श्री दामोदर जी ‘सिद्ध’ एवं स्वर्गीय श्रीमती गायत्री देवी के पावन आँगन में दिव्य अवतरण।
संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य, गुरु-कृपा एवं सिद्ध परंपरा की दिव्य चेतना में आध्यात्मिक मूल्यों, सेवा, करुणा और ईश्वर भक्ति का विकास।
निरंतर लोकमंगल की भावना से प्रत्येक रविवार हजारों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, आत्मिक शांति, जीवन-दर्शन एवं मानव सेवा का संदेश प्रदान कर समाज को सकारात्मक दिशा देना।
जीवन के विभिन्न पहलुओं पर महाराज जी के अमृत प्रवचन, जो आपके दैनिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे।
गुरुदेव के श्रीचरणों में भक्ति, श्रद्धा एवं पूर्ण समर्पण का मार्ग। प्रार्थना, नामस्मरण एवं सेवा के माध्यम से आत्मिक शांति, दिव्य कृपा और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव करें।
मानव सेवा ही माधव सेवा है। प्रेम, करुणा और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से जनकल्याण, दुःखों का निवारण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही गुरुदेव की प्रेरणा है।
प्रेम, सम्मान एवं संस्कारों के माध्यम से परिवार में एकता, सद्भाव और शांति का निर्माण। गुरुदेव के मार्गदर्शन से रिश्तों में मधुरता तथा जीवन में सुख-समृद्धि का संचार।
धर्म, परिश्रम और सदाचार के मार्ग पर अर्जित समृद्धि ही जीवन का वास्तविक वैभव है। जब लक्ष्मी का उपयोग सेवा, परोपकार और जनकल्याण के लिए होता है, तभी उसका सच्चा महत्व सिद्ध होता है।
गुरुदेव के मार्गदर्शन, प्रार्थना एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों के माध्यम से आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन और जीवन में सुखद परिवर्तन का अनुभव करें।
गुरुदेव की कृपा, सत्संग एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से आत्मिक जागरण, ईश्वर के प्रति श्रद्धा तथा जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध।
महाराज जी के सभी दीर्घकालीन एवं संक्षिप्त प्रवचन वीडियो अब एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। भक्ति रस से सराबोर श्रीमद्भागवत कथा, शिव महापुराण व अन्य सत्संग श्रृंखलाओं का रसास्वादन करें।
Duration: 1h 45m • Mumbai Chapter
Duration: 45m • Bengaluru Ashram
नियमित रविवार सत्संग एवं महाराज जी से व्यक्तिगत भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु अग्रिम बुकिंग व्यवस्था।
भव्य आध्यात्मिक समागम, संकीर्तन एवं महाप्रसाद। जेईसीसी, हॉल नंबर 2, सीतापुरा, जयपुर में पधार कर पुण्य के भागी बनें।
महोत्सव के लिए पंजीकरण करेंमहाराज जी से मिलकर अपनी आध्यात्मिक शंकाओं का समाधान करें।
महाराज जी का दृढ़ मत है कि भूखे को अन्न और निराश्रित गौमाता को आश्रय देना ही ईश्वर की वास्तविक आराधना है।
Shelter for 500+ abandoned/injured cows
मुख्य आश्रम स्थित श्री कृष्ण गौशाला में ५०० से अधिक वृद्ध, अस्वस्थ एवं निराश्रित गौवंश की सेवा की जाती है। यहाँ उत्तम चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और दैनिक पोषण की सुदृढ़ व्यवस्था है। इस पावन पुनीत सेवा में अवश्य भागीदार बनें।
Feeding 1000+ needy daily
आश्रम के पावन भंडारे में प्रतिदिन हजारों भक्तों, साधकों एवं निर्धन जनों को शुद्ध और सात्विक महाप्रसाद वितरित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, यही इस प्रकल्प का मुख्य उद्देश्य है।
देश-विदेश के भक्तों द्वारा साझा की गई परम पूज्य महाराज जी की कृपा व ईश्वरीय हस्तक्षेप की सच्ची कथाएँ।
भक्तगण अपनी समस्याओं, आध्यात्मिक मार्गदर्शन तथा धार्मिक सहयोग हेतु सेवादल अधिकारियों से सीधे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्य भवन पता: गायत्री भवन, चित्रकूट कॉलोनी, सांगानेर, जयपुर, राजस्थान - 302029
फ़ोन: +91 9950202582
आपका दर्शन अनुरोध सफलतापूर्वक प्राप्त हो गया है।