॥ श्री गुरवे नमः ॥

श्री कमलेश जी महाराज

परम शांति, भक्ति और सेवा का पावन धाम

परम पूज्य श्री कमलेश जी महाराज

सनातन धर्म की पावन ज्योति, भक्ति एवं निष्काम कर्म सेवा को संपूर्ण विश्व के कोने-कोने में गुंजायमान करने वाले परम संत सदगुरुदेव जी के अनमोल विचार एवं जीवन दर्शन।

40+
मार्गदर्शन के वर्ष
1L+
विश्वभर के भक्तजन
100+
जुड़े हुए शहर
Maharaj Ji
आज का विचार (दिव्य उपदेश)

"मन शांत हो तो संसार शांत लगता है। बाहर की दौड़ से पहले, भीतर की शांति आवश्यक है।"

— परम पूज्य श्री कमलेश जी महाराज

श्री कमलेश धाम डिजिटल पोर्टल

अष्टादश मंगल द्वार

भक्तों की सुविधा के लिए महाराज जी के समस्त आध्यात्मिक आयामों, सामाजिक उपक्रमों एवं धार्मिक आयोजनों का विस्तृत केंद्र।

व्यास पूर्णिमा

भक्तों के अनुभव

संपर्क सूत्र

दिव्य जीवन यात्रा और गुरु परंपरा

परम शांति, त्याग और करुणा के साक्षात् विग्रह

कहते हैं कि जब संसार में दुःख बढ़ता है, तब ईश्वर जनकल्याण हेतु किसी दिव्य आत्मा को माध्यम बनाकर भेजते हैं। वर्ष 1966 में जयपुर की पावन भूमि पर जन्मे परमगुरु परम पूज्य श्री कमलेश जी महाराज ने बाल्यकाल से ही आध्यात्म, करुणा और परमार्थ के संस्कारों को आत्मसात किया। सिद्ध संत परंपरा के आशीर्वाद से प्रेरित होकर वे पिछले तीन दशकों से हजारों श्रद्धालुओं के जीवन में आशा, शांति, सुख और मार्गदर्शन का प्रकाश बनकर मानव सेवा, धर्म और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर समर्पित हैं।

सिद्ध संत परंपरा

सिद्ध परिवार की दिव्य परंपरा एवं संतों के आशीर्वाद से आध्यात्मिक चेतना का विकास।

जनकल्याण एवं सेवा

पिछले 30 वर्षों से निरंतर मानव सेवा, आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं लोककल्याण।

आध्व्यात्मिक जीवन यात्रा के मुख्य सोपान

1966

जयपुर में दिव्य जन्म

स्व. श्री दामोदर जी ‘सिद्ध’ एवं स्व. श्रीमती गायत्री देवी के घर जन्म।

बाल्यकाल से

आध्यात्मिक संस्कार

संतों के सान्निध्य एवं सिद्ध परंपरा से आध्यात्मिक चेतना का विकास।

1995 - वर्तमान

जनकल्याण एवं मार्गदर्शन

हर रविवार हजारों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन, आशा और सेवा।

दिव्य प्रवचन एवं दर्शन शास्त्र

गृहस्थ, स्वास्थ्य एवं अध्यात्म का संगम

जीवन के विभिन्न पहलुओं पर महाराज जी के अमृत प्रवचन, जो आपके दैनिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे।

भक्ति एवं समर्पण

गुरुदेव के श्रीचरणों में भक्ति, श्रद्धा एवं पूर्ण समर्पण का मार्ग। प्रार्थना, नामस्मरण एवं सेवा के माध्यम से आत्मिक शांति, दिव्य कृपा और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव करें।

सेवा एवं करुणा

मानव सेवा ही माधव सेवा है। प्रेम, करुणा और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से जनकल्याण, दुःखों का निवारण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही गुरुदेव की प्रेरणा है।

पारिवारिक सद्भाव

प्रेम, सम्मान एवं संस्कारों के माध्यम से परिवार में एकता, सद्भाव और शांति का निर्माण। गुरुदेव के मार्गदर्शन से रिश्तों में मधुरता तथा जीवन में सुख-समृद्धि का संचार।

धर्म एवं समृद्धि

धर्म, परिश्रम और सदाचार के मार्ग पर अर्जित समृद्धि ही जीवन का वास्तविक वैभव है। जब लक्ष्मी का उपयोग सेवा, परोपकार और जनकल्याण के लिए होता है, तभी उसका सच्चा महत्व सिद्ध होता है।

आत्मिक शांति एवं कल्याण

गुरुदेव के मार्गदर्शन, प्रार्थना एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों के माध्यम से आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन और जीवन में सुखद परिवर्तन का अनुभव करें।

आध्यात्मिक जागरण

गुरुदेव की कृपा, सत्संग एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से आत्मिक जागरण, ईश्वर के प्रति श्रद्धा तथा जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध।

वीडियो सत्संग पुस्तकालय

अनुभव करें महाराज जी के कल्याणकारी प्रवचन

महाराज जी के सभी दीर्घकालीन एवं संक्षिप्त प्रवचन वीडियो अब एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। भक्ति रस से सराबोर श्रीमद्भागवत कथा, शिव महापुराण व अन्य सत्संग श्रृंखलाओं का रसास्वादन करें।

श्रीमद्भागवत कथा अमृत वर्षा

मन पर नियंत्रण और मानसिक शांति के व्यावहारिक उपाय

दान का सही अर्थ और इसकी मर्यादा

सत्संग एवं दर्शन कार्यक्रम तालिका

सत्संग कार्यक्रम एवं व्यक्तिगत भेंट

नियमित रविवार सत्संग एवं महाराज जी से व्यक्तिगत भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु अग्रिम बुकिंग व्यवस्था।

नियमित साप्ताहिक रविवार सत्संग

प्रातः कालीन आरती व संकीर्तन 07:00 AM - 08:30 AM
दिव्य प्रवचन एवं मार्गदर्शन 09:30 AM - 11:30 AM
महाराज जी से व्यक्तिगत भेंट 04:00 PM onwards
Special Event

आगामी गुरु पूर्णिमा महोत्सव २०२६

भव्य आध्यात्मिक समागम, संकीर्तन एवं महाप्रसाद। जेईसीसी, हॉल नंबर 2, सीतापुरा, जयपुर में पधार कर पुण्य के भागी बनें।

महोत्सव के लिए पंजीकरण करें

व्यक्तिगत दर्शन बुकिंग

महाराज जी से मिलकर अपनी आध्यात्मिक शंकाओं का समाधान करें।

निष्काम सेवा प्रकल्प (सत्कर्म)

गौमाता संरक्षण और अन्नपूर्णा महायज्ञ

महाराज जी का दृढ़ मत है कि भूखे को अन्न और निराश्रित गौमाता को आश्रय देना ही ईश्वर की वास्तविक आराधना है।

श्री कृष्ण गौशाला सेवा

Shelter for 500+ abandoned/injured cows

मुख्य आश्रम स्थित श्री कृष्ण गौशाला में ५०० से अधिक वृद्ध, अस्वस्थ एवं निराश्रित गौवंश की सेवा की जाती है। यहाँ उत्तम चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और दैनिक पोषण की सुदृढ़ व्यवस्था है। इस पावन पुनीत सेवा में अवश्य भागीदार बनें।

Monthly Grass Target Accomplished 78%
Monthly sponsor: ₹2,100 ($31) गौ सेवा सहयोग

अन्नपूर्णा भंडारा (Anna Seva)

Feeding 1000+ needy daily

आश्रम के पावन भंडारे में प्रतिदिन हजारों भक्तों, साधकों एवं निर्धन जनों को शुद्ध और सात्विक महाप्रसाद वितरित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, यही इस प्रकल्प का मुख्य उद्देश्य है।

Daily Prasadam Drive Fulfilled 92%
भक्तों के दिव्य जीवन अनुभव

श्रद्धा, विश्वास और गुरु कृपा की साक्षात अनुभूतियाँ

देश-विदेश के भक्तों द्वारा साझा की गई परम पूज्य महाराज जी की कृपा व ईश्वरीय हस्तक्षेप की सच्ची कथाएँ।

केंद्रीय कार्यालय

भवन संपर्क सूत्र

भक्तगण अपनी समस्याओं, अनुष्ठान बुकिंग अथवा धार्मिक सहयोग हेतु सेवादल अधिकारियों से सीधे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

मुख्य भवन पता: Gayatri Bhawan, Chitrakoot Colony, Near Sanganer Thana, Jaipur, Rajasthan 302029

फ़ोन: +91 9950202582